Indore School Timing Change: पूरे मध्य प्रदेश में पड़ रही अत्यधिक गर्मी और लू के थपेड़ों को ध्यान में रखते हुए, स्कूलों के समय में परिवर्तन किया गया है। राजधानी भोपाल में भीषण गर्मी और मौसम विभाग के पूर्वानुमानों को देखते हुए, इंदौर के कलेक्टर श्री शिवम वर्मा जी ने नर्सरी से लेकर कक्षा आठवीं तक के सभी सरकारी, गैर-सरकारी और प्राइवेट स्कूलों का संचालन सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक करने का आदेश दिया है। इस निर्देश को सख्ती से लागू करने के लिए कहा गया है।
इसी के साथ, उज्जैन और भोपाल के जिलाधिकारियों ने भी अपने-अपने क्षेत्रों के सभी विद्यालयों के समय में बदलाव किया है। 17 अप्रैल से सभी बोर्डों के स्कूल सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक ही लगेंगे। इससे पहले, सागर, जबलपुर और ग्वालियर में भी स्कूलों के समय में बदलाव किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त, आदेश में यह भी स्पष्ट रूप से कहा गया है कि छात्रों को किसी भी प्रकार की बाहरी गतिविधियों में शामिल न किया जाए।
डॉक्टरों ने भी लोगों को लू से बचने की सलाह दी :
यह ध्यान देने योग्य है कि पिछले तीन दिनों से प्रदेश के कई जिलों में लू का भयंकर प्रकोप देखा जा रहा है। इंदौर में मंगलवार को तापमान 44 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चला गया, जबकि उज्जैन में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के पार दर्ज किया गया। भोपाल में भी अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। मौसम विभाग ने यह भविष्यवाणी की है कि आने वाले दिनों में तापमान में और वृद्धि हो सकती है। डॉक्टरों ने भी लोगों को लू से बचने की सलाह दी है और घरों में रहने तथा मौसमी फल एवं तरल पदार्थों का सेवन करने के लिए कहा है।
आंगनवाड़ी केंद्रों के संचालन के समय में भी बदलाव:
इसके अतिरिक्त, आंगनवाड़ी केंद्रों के संचालन के समय में भी बदलाव किया गया है। अब आंगनवाड़ी सुबह 8:30 बजे से पूर्वाह्न 11:30 बजे तक खुलेंगी। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की अन्य गतिविधियां पहले की तरह ही जारी रहेंगी।
कलेक्टर श्री शिवम वर्मा द्वारा जारी किया गया यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों और संस्थाओं को यह निर्देश दिया है कि इस आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि भीषण गर्मी से बच्चों के स्वास्थ्य पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
लू से बचाव के उपाय:
गर्मियों का मौसम शुरू हो चुका है। गर्मी के दिनों में देशभर के कई राज्यों में तापमान बहुत अधिक बढ़ जाता है। ऐसे में घर से बाहर निकलने की बात सोचते ही मुश्किल लगने लगती है। इसके साथ ही, लू के प्रकोप से भी कोई बच नहीं पाता है। दोपहर के समय बाहर बहुत तेज गर्म, धूल भरी और शुष्क हवाएं चलती हैं, इन्हीं हवाओं को लू कहा जाता है। लू के संपर्क में आने पर शरीर का तापमान तेजी से बढ़ता है, जिससे व्यक्ति बीमार पड़ जाता है और शरीर में कई तरह की समस्याएं दिखने लगती हैं। ज्यादा देर तक धूप में रहने और शरीर में पानी की कमी होने से लू लगने का खतरा बढ़ जाता है। लेकिन कुछ उपायों को अपनाकर इससे बचाव भी किया जा सकता है। आइए, लू के लक्षण, कारण और इससे बचने के लिए घरेलू उपाय जानें।
- धूप में निकलने से बचें
अगर आप खुद को लू लगने से बचाना चाहते हैं, तो दोपहर में कड़ी धूप में घर से बाहर न निकलें। यदि कोई ज़रूरी काम है, तो धूप में निकलने से पहले अपने पूरे शरीर को ढक लें, खासकर सिर को ज़रूर कवर करें। फुल स्लीव्स वाले कपड़े पहनें और नंगे पैर बाहर न निकलें। धूप में निकलते समय छाते का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
- हल्के रंग के कपड़े पहनें
गर्मियों में सही कपड़ों का चुनाव करना भी बेहद ज़रूरी है। ऐसे मौसम में ढीले-ढाले और सूती कपड़े पहनना सबसे अच्छा होता है। सिंथेटिक कपड़ों या ऐसे कपड़ों को पहनने से बचें, जिनमें हवा पास न होती हो। साथ ही, सफेद या हल्के रंग के कपड़ों को ज्यादा पहनें।
- अचानक गर्म या ठंडी जगहों पर न जाएं
गर्मियों के दिनों में अचानक ठंडी जगह से एकदम गर्म जगह पर जाने से बचें। एसी या कूलर में बैठे रहने के बाद तुरंत धूप में न निकलें, इससे हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। इसी तरह, धूप में रहने के बाद तुरंत एसी या कूलर के पास भी न बैठें। पहले पसीना सूखने दें, फिर ठंडी हवा या जगह पर जाएं।
- चाय-कॉफी और शराब का सेवन न करें
इसके अतिरिक्त, गर्मी के मौसम में चाय और कॉफी का सेवन भी कम कर देना चाहिए। इसके अलावा, शराब का सेवन भी न करें, क्योंकि यह लू लगने का कारण बन सकता है।
नोट: यह खबर सामान्य जानकारी पर आधारित है। इन उपायों और तरीकों पर अमल करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श ज़रूर करें।

