इंदौर। मिनी मुंबई के नाम से प्रसिद्ध इंदौर शहर में आईपीएल (IPL) का रोमांच अपनी चरम सीमा पर है, और इसके साथ ही सट्टेबाजी (IPL satta in indore) का अवैध कारोबार भी तेजी से फल फूल रहा है। हालांकि, इंदौर पुलिस ने स्पष्ट रूप से यह संदेश दिया है कि सट्टेबाजों की हर गतिविधि पर उनकी कड़ी निगरानी है। इसी क्रम में, खजराना पुलिस स्टेशन की पुलिस ने एक बड़ी और सनसनीखेज कार्रवाई को अंजाम देते हुए पांच कुख्यात सटोरियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। ये सटोरिये एक गैरकानूनी ऑनलाइन लिंक के माध्यम से करोड़ों रुपये का अवैध कारोबार करने की योजना बना रहे थे।
खुफिया जानकारी और पुलिस की तत्परता:
इस पूरी कार्रवाई की कहानी तब शुरू हुई जब खजराना पुलिस स्टेशन के प्रभारी (TI) मनोज सेंधव को एक विश्वसनीय मुखबिर से एक ठोस सूचना प्राप्त हुई। जानकारी यह थी कि स्टार चौराहे के पास स्थित ग्रीन बेल्ट क्षेत्र में कुछ युवक संदिग्ध परिस्थितियों में एकत्रित हुए हैं। ये युवक मोबाइल फोन पर किसी संगठित गिरोह की तरह एक घेरा बनाकर बैठे थे और लगातार डिजिटल लेनदेन और फोन कॉल में व्यस्त थे।
सूचना मिलते ही, टीआई सेंधव ने तुरंत एक विशेष टीम का गठन किया। पुलिस ने सादे कपड़ों में इलाके की निगरानी की और जैसे ही पुष्टि हुई कि वहां सट्टेबाजी चल रही है, पुलिस टीम ने चारों ओर से घेराबंदी करके छापा मार दिया। अचानक हुई इस छापेमारी से सटोरियों में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन पुलिस की सतर्कता के आगे उनकी कोई भी कोशिश सफल नहीं हो सकी।
‘प्ले अड्डा’:(IPL satta in indore) वह गैरकानूनी लिंक जिसके माध्यम से चल रहा था सट्टेबाजी का खेल
गिरफ्तारी के बाद जब आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच की गई, तो पुलिस भी हैरान रह गई। पूछताछ में पता चला कि ये सटोरिये ‘प्ले अड्डा’ नामक एक प्रतिबंधित ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे थे।
सट्टेबाजी का तरीका क्या था?
आरोपी इस प्लेटफॉर्म पर फर्जी पहचान बनाकर ग्राहकों को जोड़ते थे। हार-जीत का दांव, बाजार भाव (रेट) और पैसों का सारा लेनदेन इसी एप्लिकेशन के माध्यम से डिजिटल तरीके से किया जाता था, ताकि पुलिस से बचा जा सके। लेकिन उनकी यह डिजिटल चालाकी खजराना पुलिस के सामने विफल हो गई।
दिल्ली और बैंगलोर के मैच पर लगा रहे थे दांव
कार्रवाई के दौरान, दिल्ली कैपिटल्स (DC) और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) के बीच मैच चल रहा था। पकड़े गए पांचों आरोपी—वीरसिंह सांवलिया, दिनेश राठौर, अंगद पटेल, रोहित परमार और सचिन सोलंकी—हर गेंद और हर विकेट पर सट्टा लगवा रहे थे। पुलिस ने इनके पास से कई महंगे स्मार्टफोन और नकदी बरामद की है। मोबाइल में मौजूद व्हाट्सएप चैट और लेनदेन के इतिहास से कई अन्य बड़े नामों के भी सामने आने की संभावना है।

कमिश्नर की सट्टेबाजों को सीधी चेतावनी
इंदौर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा आईपीएल के सीजन को देखते हुए पहले ही अलर्ट जारी किया जा चुका है। खजराना पुलिस की इस कार्रवाई ने सट्टा बाजार में हड़कंप मचा दिया है। पुलिस अब इन आरोपियों के बैंक खातों और ‘प्ले अड्डा’ के मुख्य एडमिन तक पहुँचने की कोशिश कर रही है। टीआई मनोज सेंधव के अनुसार, यह गिरोह शहर के अन्य युवाओं को भी इस दलदल में धकेलने का काम कर रहा था।
पुलिस की अपील:
इंदौर पुलिस जनता से यह आग्रह करती है कि यदि आपको अपने इलाके में कोई भी व्यक्ति गैरकानूनी कार्यों जैसे कि ऑनलाइन जुआ में शामिल दिखता है, तो आप तुरंत पुलिस को सूचित करें। पुलिस आपको विश्वास दिलाती है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी।
पुलिस की सख्त चेतावनी और जनता के लिए संदेश
इंदौर पुलिस :ने इस कार्रवाई के माध्यम से सट्टेबाजों और आम नागरिकों को कड़े शब्दों में आगाह किया है:
जीरो टॉलरेंस की नीति: पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आईपीएल के दौरान किसी भी प्रकार की सट्टेबाजी—चाहे वह गली-मोहल्ले में हो या ‘प्ले अड्डा’ जैसे किसी हाईटेक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर—बख्शी नहीं जाएगी।
डिजिटल निगरानी: पुलिस की साइबर टीमें और तकनीकी शाखा अब सट्टेबाजी के ‘लिंक’ और ‘आईडी’ पर पैनी नजर रख रही हैं। यह सोचना गलत है कि वीपीएन या गुप्त लिंक का उपयोग करके पुलिस की नजरों से बचा जा सकता है।
वित्तीय जोखिम: पुलिस ने चेतावनी दी है कि सट्टेबाजी के लिए उपयोग किए जाने वाले बैंक खातों को तुरंत फ्रीज किया जा रहा है, जिससे सटोरियों के साथ-साथ इसमें पैसा लगाने वाले छोटे खिलाड़ी भी अपनी जमा पूंजी गंवा रहे हैं।
युवाओं को सलाह: पुलिस प्रशासन ने विशेष रूप से अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों की मोबाइल गतिविधियों पर नजर रखें, ताकि वे ‘क्विक मनी’ के लालच में आकर ऐसे आपराधिक सिंडिकेट का हिस्सा न बनें।

